दिया ना बुझे री आज हमारा: - The Indic Lyrics Database

दिया ना बुझे री आज हमारा:

गीतकार - शकील बदायुँनी | गायक - लता मंगेशकर, सहगान | संगीत - नौशाद | फ़िल्म - भारत के पुत्र | वर्ष - 1962

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ल : दिया ना बुझे री आज हमारा
को : दिया ना बुझे री आज हमारा
ल : चले री पवन
सननन सनन
थर-थर काँपे जियरा
आ
को : दिया ना बुझे री आज हमाराल : आसथा जग-मग रूप निखारे
आ
को : आसथा जग-मग रूप निखारे
ल : प्रीत में खोये नैन हमारे
ढूँढें पी का धारा
को: दिया ना बुझेल : एक तो बदरा घन घन गरजे
आ
को : एक तो बदरा घन घन गरजे
ल : दूजे बिजरिया चम-चम चमके
जल-थल है जग सारा
आ
को : दिया ना बुझे री आज हमारा
चले री पवन
सननन सनन
थर-थर काँपे जियरा
आ
दिया ना बुझे री
आ