गीतकार - कमर जलालाबादी | गायक - मुकेश | संगीत - कल्याणजी-आनंदजी | फ़िल्म - उपकार | वर्ष - 1967
View in Romanदीवानों से ये मत पूछो
दीवानों पे क्या गुजरी है
हाँ उनके दिलों से ये पूछो
अरमानों पे क्या गुजरी है
दीवानों से ये मत पूछो
औरों को पिलाते रहते हैं
और खुद प्यासे रहजाते हैं
ये पीने वाले क्या जाने
पैमानों पे क्या गुजरी है
दीवानों से ये मत पूछो
मालिक ने बनाया इन्सां को
इनसान मोहब्बत कर बैठा
वो ऊपर बैठा क्या जाने
इंसानों पे क्या गुजरी है
दीवानों से ये मत पूछो
दीवानों पे क्या गुजरी है
हाँ उनके दिलों से ये पूछो
अरमानों पे क्या गुजरी है
दीवानों से ये मत पूछो
दीवानों से ये मत पूछो