गीतकार - अंजुम जयपुरी | गायक - आशा भोंसले, मुकेश | संगीत - बाबुल | फ़िल्म - सारा जहां हमारा | वर्ष - 1961
View in Romanआ : भरे हैं आँख में आँसू ख़ुशी कम होती जाती है
मु : वो क्या बिछड़े हैं हमसे ज़िन्दगी कम होती हाती हैकहाँ जाएं किधर जाएं निग़ाहों में अंधेरा है
तमन्ना ज़िन्दगी की अब तो दिल में सोती जाती है
भरे हैं आँख में ...मु : मुक़द्दर बन के बिगड़ा है गिला दुनिया से क्या कीजे
आ : हमारा दिल धड़कता है ज़रा आवाज़ तो दीजे
तुम्हारा नाम ले ले कर मोहब्बत रोती जाती है
भरे हैं आँख में ...